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योगी सरकार का बड़ा फैसला – गन्ने के दाम में बढ़ोतरी, किसानों के लिए राहत की खबर

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उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने 2025-26 पेराई सत्र के लिए गन्ने के दाम बढ़ा दिए हैं। अब उच्च प्रजाति गन्ने का मूल्य ₹400 प्रति क्विंटल और सामान्य प्रजाति का ₹390 प्रति क्विंटल तय किया गया है। पहले ये कीमतें क्रमशः ₹370 और ₹350 थीं। यह फैसला लाखों गन्ना किसानों को सीधा आर्थिक लाभ देगा और उनकी आय में बढ़ोतरी करेगा।

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यह फैसला ऐसे समय में आया है जब किसान बढ़ती लागत, महंगाई और मौसम के उतार-चढ़ाव से जूझ रहे हैं। सरकार के इस निर्णय से न केवल गन्ना उत्पादकों को आर्थिक राहत मिलेगी बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

गन्ना किसानों के लिए बड़ी राहत

उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ा गन्ना उत्पादक राज्य है। यहां 50 लाख से अधिक किसान गन्ने की खेती पर निर्भर हैं। योगी सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में कई ठोस कदम उठाए हैं।

गन्ने के दाम में यह बढ़ोतरी लगभग 8-10% की वृद्धि है, जो पिछले कुछ वर्षों में सबसे बड़ी वृद्धि मानी जा रही है। इससे किसानों को प्रति एकड़ औसतन ₹8,000 से ₹10,000 तक का अतिरिक्त लाभ होगा।

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नई दरें 2025-26 पेराई सीजन क्या है?

सरकार ने स्पष्ट किया है कि नई दरें 2025-26 पेराई सीजन से प्रभावी होंगी। इसका अर्थ यह है कि जो गन्ना किसान इस वर्ष की पेराई के लिए अपनी फसल तैयार कर रहे हैं, उन्हें सीधे इसका फायदा मिलेगा।

गन्ने की श्रेणी पुरानी कीमत (₹/क्विंटल) नई कीमत (₹/क्विंटल) बढ़ोतरी (₹)
उच्च प्रजाति (Premium Variety) ₹370 ₹400 ₹30
सामान्य प्रजाति (Common Variety) ₹350 ₹390 ₹40

 

सरकार का तर्क – किसानों की लागत में बढ़ोतरी

राज्य सरकार का कहना है कि उर्वरक, डीज़ल, मजदूरी और परिवहन लागत में लगातार बढ़ोतरी हुई है। किसानों को बढ़ती महंगाई से राहत दिलाने के लिए यह निर्णय आवश्यक था।

गन्ना खेती में सिंचाई और खाद पर खर्च बढ़ने के बावजूद किसानों को लंबे समय से उचित दाम नहीं मिल पा रहे थे। योगी सरकार के इस कदम को “किसान-हितैषी” नीति के रूप में देखा जा रहा है।

किसानों में खुशी की लहर

सरकारी घोषणा के बाद किसानों में उत्साह देखा जा रहा है। कई किसान संगठनों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद दिया है।

भारतीय किसान यूनियन (BKU) के प्रवक्ता ने कहा –

“गन्ने की कीमतों में यह वृद्धि लंबे समय से हमारी मांग थी। सरकार ने किसानों की आवाज सुनी है। इससे खेती लाभदायक बनेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।”

शुगर मिलों पर असर

गन्ने के दाम बढ़ने का असर चीनी मिलों की लागत पर भी पड़ेगा। हालांकि, सरकार का कहना है कि शुगर मिलों को भी इसके लिए आवश्यक सहायता और सहयोग दिया जाएगा ताकि किसानों को भुगतान में देरी न हो।

राज्य की चीनी मिलें अब किसानों से तय दर पर गन्ना खरीदेंगी। सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि किसानों का बकाया भुगतान 14 दिनों के भीतर किया जाए, ताकि उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े।

किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में योगी सरकार के कदम

योगी आदित्यनाथ सरकार ने गन्ना किसानों की बेहतरी के लिए पिछले कुछ वर्षों में कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं-

  • गन्ना भुगतान में पारदर्शिता “ई-गन्ना” पोर्टल और ऐप से किसानों को भुगतान की रियल टाइम जानकारी मिलती है।

  • बकाया भुगतान अब तक ₹1.85 लाख करोड़ से अधिक का भुगतान किया जा चुका है।

  • नई मिलों की स्थापना पश्चिमी और मध्य यूपी में नई चीनी मिलों के विस्तार को मंजूरी दी गई।

  • जैविक खेती प्रोत्साहन किसानों को ड्रिप सिंचाई और जैविक खाद के उपयोग पर सब्सिडी दी जा रही है।

  • एथेनॉल उत्पादन को बढ़ावा गन्ने से बनने वाले एथेनॉल से राज्य की आय और किसानों की आमदनी दोनों में वृद्धि हुई है।

गन्ना उत्पादन और एथेनॉल नीति से जुड़ा फायदा

भारत सरकार की “एथेनॉल ब्लेंडिंग पॉलिसी” के तहत गन्ने के रस और शीरे (Molasses) से एथेनॉल तैयार किया जाता है, जिसे पेट्रोल में मिलाया जाता है। इससे किसानों को वैकल्पिक आय स्रोत मिल रहा है।

योगी सरकार ने इस सेक्टर में निवेश को बढ़ावा दिया है, जिससे अब उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा एथेनॉल उत्पादक राज्य बन गया है।

नीति से लाभ –

  • किसानों को फसल बेचने के लिए नए प्लेटफॉर्म मिल रहे हैं।

  • गन्ना भुगतान में विलंब कम हुआ है।

  • ग्रामीण क्षेत्रों में नई नौकरियां पैदा हुई हैं।

राज्य की अर्थव्यवस्था में गन्ने की भूमिका

गन्ना खेती न केवल किसानों की आजीविका से जुड़ी है बल्कि यह उत्तर प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। राज्य के लगभग 45 जिलों में गन्ना एक प्रमुख फसल है।

कुल कृषि उत्पादन का लगभग 20% हिस्सा गन्ने से आता है। इसके अलावा गन्ने से जुड़े उद्योग जैसे कि चीनी, गुड़, एथेनॉल और बायोफ्यूल लाखों लोगों को रोजगार देते हैं।

किसानों की राय-

लखीमपुर खीरी, बरेली, मुरादाबाद और मेरठ जैसे जिलों के किसानों ने कहा कि सरकार का यह फैसला खेती को फिर से लाभदायक बनाएगा।

किसानों का कहना है कि अगर गन्ने की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं और समय पर भुगतान हुआ, तो युवा वर्ग भी खेती की ओर वापस आएगा।

क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला

गन्ने की कीमतों में यह बढ़ोतरी सिर्फ एक आर्थिक कदम नहीं है, बल्कि यह राज्य सरकार की “किसान कल्याण” नीति की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
यह फैसला ग्रामीण इलाकों की अर्थव्यवस्था में नकदी प्रवाह बढ़ाएगा, जिससे अन्य सेक्टर जैसे रिटेल, परिवहन और डेयरी को भी अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलेगा।

निष्कर्ष (Conclusion)

योगी सरकार द्वारा गन्ने के दाम में की गई बढ़ोतरी किसानों के लिए राहत की सौगात है। ₹400 प्रति क्विंटल (उच्च प्रजाति) और ₹390 प्रति क्विंटल (सामान्य प्रजाति) की नई दरों से किसानों की आमदनी बढ़ेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

इस फैसले से यह साफ संदेश गया है कि “योगी सरकार किसानों के साथ है” और राज्य को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में हर कदम किसान-हितैषी रहेगा.

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